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सेवा पेंशनः-नियमित सेना/वायु सेना/नौ सेना/ड़ी एस सी

सेवा पेंशन से अभिप्राय वह पेंशन है जो अफसर रैंक से नीचे के कार्मिकों(पी बी ओ आर) को सशस्त्र सेना में उनके द्वारा पूरी की गई अर्हक सेवा की शर्तो को पूर्ण करने पर स्वीकृत की जाती है ।
  1. सेवा पेंशन अर्जित करने के लिए बिना वेटेज के न्यूनतम अर्हक सेवा 15 वर्ष है एन सी (ई) गैर लड़ाकू के संबंध में 20 वर्ष
  2. यह अंतिम माह में अर्हक कुल देय पर आधारित है

पी बी ओ आर के पेंशन सधार के आदेश के तहत प्रयुक्त होने वाली सारणी-तालिका

भारत सरकार के दिनांक 12-11-2008 का पत्र सं. 17(4)/2008(2)/ड़ी(पेन/सेवा)


पेंशन की दर व्यक्ति के अन्तिम आहरण जिसमें वास्तविक वर्गीकरण भत्ता शामिल है, के 50% के बराबर होगी। इसकी न्यूनतम राषि रू0 3500 प्रतिमाह है।
दिनांक 11-6-1985 से पूर्व के प्रादेशिक सेना के कार्मिकों को सेवा पेंशन देय नही थी । प्रादेशिक सेना के कार्मिकों को सेवा पेंशन अर्जित करने हेत न्यूनतम अर्हक सेवा 15 वर्ष है । उनके मामलो में वेटेज देय नही है । जिन्होंने औसतन सम्मिलित सेवा 15 वर्ष या उससे अधिक की है, परंत उन्होंने 20 वर्ष की औसतन सेवा पूरी नही की है । उनकी पेंशन में 5% की कटौती की गई है, जिन्होने बिना किसी व्यवधान के निरन्तर सेवा की है उनकी पेंशन में कोइ कटौती नहीं होगी इस तरह परिगणित पेंशन राशि किसी भी स्थिति में उसी रैंक एवं सेवावधि के लिए किसी नियमित सैन्य कर्मी का सामान्य पेंशन से अधिक नही होनी चाहिए ।

यदि अर्हक सेवा 15 वर्ष से कम है और व्यक्ति स्वयं के अनुरोध पर सेवामुक्त होता है, तो वह सेवा पेंशन का हकदार नहीं होगा,यदि अर्हक सेवा 15 वर्ष या उससे अधिक की गई है तो सेवा पेंशन रैंक तथा समूह एवं पूर्ण की गई अर्हक सेवा जो सेवा निवृत के शर्तो के अनसार हो,सेवा पेंशन देय होगी ।

यदि कार्मिक सैन्य अधिनियमों के तहत बरखास्त हआ है तो उसे सेवा पेंशन देय नहीं होगी,यद्यपि ऐसे मामलों में सेवा पेंशन राष्ट्रपति के विवेकानसार उतनी ही स्वीकार्य होगी जितनी सामान्य परिस्थितियों में सेवामुक्त होने पर उसे प्राप्त होगी ।

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