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ग्रैच्युटी

ग्रैच्युटी अर्जित करने के लिए न्यूनतम अर्हक सेवा 5 वर्ष है(बिना वेटेज के)

ग्रैच्युटी वास्तविक अर्हक सेवा के पूर्ण किए गए प्रत्येक छमाही अवधि के गणनीय परिलब्धियों के 1/2 की दर स्वीकार होगी ।(वेतन एवं ड़ी पी के साथ वर्गीकरण भता यदि कोई हो,तथा सेवामुक्त होने की तिथि पर शामिल मंहगाई भत्ता

यदि व्यक्ति सैन्य अधिनियमों के तहत बर्खास्त कर दिया जाता है तो वह अपनी पूर्व में की गई सेवा के संबंध में पेंशन/ग्रैच्युटी का हकदार नहीं होगा । यद्यपि कुछ विशेष मामलों में सेवा पेंशन या ग्रैच्युटी राष्ट्रपति के विवेकानुसार उतनी ही स्वीकार्य होगी जिसके लिए उसने अर्हता हासिल की है ।

यदि व्यक्ति को सैन्य अधिनियम की धारा 20 के अंतर्गत सेवा से बर्खास्त किया गया हो तो उसे सक्षम प्राधिकारी (जैसे भारत सरकार) द्वारा मामले की अनिवार्यता के अनुसार पेंशन/ग्रैच्युटी की राशि में कमी करके पेंशन/ग्रैच्युटी की स्वीकृति को स्वीकार करने पर विचार किया जा सकता है ।

दिनांक 1-1-2006 की प्रभावी तिथि से जिन कार्मिकों की सेवा पेंशन की दर अप्रभावी हो गई है उसे रक्षा मंत्रालय के दिनांक 12-11-2008 का पत्र सं.17(4)/2008(2)/ड़ी को अंतर्विष्ट किया गया है ।

5 वर्ष की अर्हक सेवा पूर्ण करने वाला व्यक्ति अपनी सेवा समाप्ति के उपरांत सेवा/अशक्तता ग्रैच्युटी या किसी प्रकार की पेंशन प्राप्त करने का हकदार होगा सेवानिवृत्ति ग्रैच्युटी गणनीय परिलब्धियों(वेतन एवं ड़ी पी साथ ही वर्गीकरण भत्ता यदि कोई है एवं अशक्तता/सेवामुक्त होने की तिथि पर महँगाई राहत शामिल है)के 1/4 जो उसका अधिकतम 16.5 गुना होगा स्वीकृत किया जायेगा परंत यह राशि 10 लाख से अधिक नही होगी ।

सेवा के दौरान मृत्यु होने पर मृत्यु ग्रैच्युटी निम्नलिखित दर पर देय होगा ।

अर्हक सेवा की अवधि मृत्यु ग्रैच्युटी की दर
एक वर्ष से कम गणनीय परिलब्धियों का दो गुना
एक वर्ष या अधिक परंत 5वर्ष से कम गणनीय परिलब्धियों का 6 गुना
5 वर्ष या अधिक परंतु 20 वर्ष से कम गणनीय परिलब्धियों का 12 गुना
20 वर्ष या अधिक अर्हक सेवा के पूर्ण किए गए प्रत्येक 6 माह के लिए गणनीय परिलब्धियों का आधा गणनीय परिलब्धियों का न्यूनतम 12 गुना तथा अधिकतम 33 गुना के साथ निर्धारित सीमा 10 लाख से ज्यादा नही होनी चाहिए ।
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