कमीशन आफिसर | मुख्य पृष्ठ
<< पिछला पृष्ठ अगला पृष्ठ >>



यदि कमीशन अधिकारी को भारत सरकार के पत्र संख्य़ा 31/01/2001 के पैरा 4.1 में उल्लिखित परिस्थियों के कारण सेवा से इनवैलिड आउट किया जाता है तो उस स्थिति में युद्ध क्षति पेंशन का वह हकदार होता है। युद्ध क्षति पेंशन में भी दो दर होती हैं
  1. यह सेवानिवृत्ति पेंशन के बराबर होती है। इस अंश के लिये न्यूनतम अर्हक सेवा की बाध्यता नहीं है।
  2. युद्ध क्षति अंश की दर 100 विकलांगता के लिये यह दर अन्तिम आहरित गणनीय परिलब्धि के बराबर होती है। जहॉं विकलांगता 100 से कम है वहॉं युद्ध क्षति पेंशन की राशि आनुपातिक रुप से कम होगी।
यदि सशस्त्र सेना का कोई व्यक्ति विकलांगता के बाद भी सेवा में बना रहता है तथा बाद में सेवानिवृत्त होता है तो उसके पास दो विकल्प उपलब्ध हैं।
  1. सेवानिवृत्ति के समय देय युद्ध क्षति अंश के बदले में युद्ध क्षति अंश के पंजीकृत मूल्य का एक मुश्त क्षतिपूर्ति आहरित करना
  2. सेवानिवृत्ति के समय युद्ध क्षति अंश प्राप्त करना
अगला विषय : सेवा ग्रेच्यूटी
| साइट मैप | सम्पर्क करें | ©2017 PCDA(P)