कमीशन आफिसर | मुख्य पृष्ठ
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यदि आफिसर की मृत्यु का कारण सेना सेवा के द्वारा आरोण्य या अभिवृद्धि नहीं है तो अधिकारी द्वारा अंतिम रूप सेआहरित गणनीय अंश के 30% के बराबर साधारण पारिवारिक पेंशन देय होगी ।

अंतिम अहरित वेतन,बैण्ड में वेतन, ग्रेड वेतन , एम. एस.पी., एन पी ए यदि कोई हो, स्थिरता वेतन वृद्धि यदि कोई हो ड़ी पी गणनीय परिलब्धियाँ है।



परिवार पेंशन के स्वीकृत करने के सम्बन्ध में परिवार को निम्न प्रकार से कैटेगरी में बॉंटा गया हैं।

  1. विधुर या विधवा, को पुर्नविवाह अथवा मृत्यु तक
  2. पुत्र/पुत्री (विधवा पुत्री सम्मिलित) को विवाह या / पुर्नविवाह तक अथवा अधिकतम 25 वर्ष की आयु तक, जो पहले गठित हो।

  3. अविवाहित, विधवा अथवा तलाकशुदा पुत्री को, जो कैटेगरी- I में सम्मिलित नही है, को विवाह/पुर्नविवाह तक अथवा जीविका अर्जन करते समय अथवा
  4. माता पिता जो पुत्र पर पूर्णतयाः से आश्रित हो, जबकि अधिकारी की मृत्यु के समय न कोई पत्नी को छोड़ा है और न ही उपरोक्त कोई योग्य पुत्र/पुत्री है।
  1. योग्य पुत्र/पुत्री जिसमें मरणोपरांत जन्मा बच्चा साथ-साथ दत्तक बच्चा तथा गोद लिया बच्चा शामिल है ।
  2. दूसरी पत्नी यदि पहली पत्नी के जीवित रहते मृतक से विवाह करती है तो साधारण परिवार पेंशन की हकदार नही होगी । यद्यपि उसके बच्चे अपने हिस्से के अनुसार साधारण परिवार पेंशन के हकदार होंग।
  3. सेवा निवृत्ति के बाद पुनर्विवाह को परिवार पेंशन की हकदारी के लिए पंजीकृत किया जाता है ।
यदि मृतक सैनिक की विधवा जीवित है परंतु तलाकशुदा व्यक्ति, पत्नी या पत्नियों के बच्चा/बच्चों को अपने पीछे छो़ड़ जाता है तो योग्य बच्चा या बचे परिवार पेंशन में हिस्सा पाने के हकदार होंगे जो तलाक शुदा न होने पर उनकी माँ को उसके जीवित रहने पर मिलती ।

अवैध विवाह से जन्में बच्चे परिवार पेंशन से हिस्सा पाने की हकदार होगी जबकि उनकी माँ इसकी हकदार नहीं होगी ।

यदि व्यक्ति का पुत्र या पुत्री किसी विकार या मानसिक विकलांगता जिसमें मानसिक रुप से विक्षिप्त अथवा शारीरिक अपंगता या विकलांगता से पी़ड़ित होने के कारण 25 वर्ष की उम्र के पश्चात् जीविकोपार्जन करने में सक्षम नहीं है तो सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी चिकिसा प्रमाण-पत्र के आधार पर साधारण परिवार पेंशन जीवन पर्यन्त के लिए देय होगी ।

विधवा/तलाकशुदा पुत्री जीवन पर्यन्त या जब तक उसका पुनर्विवाह नहीं हो जाता जो भी पहले हो उसका उपार्जन 3500/ रु. + मँहगाई भत्ता प्रतिमाह से अधिक नहीं होना चाहिए ।

साधारण पारिवारिक पेंशन न्यायिक रुप से अलग हुए पति-पत्नी को देय होगी स्त्री की मृत्यु या उसके पुनर्विवाह नहीं हो जाता जो भी पहले हो उसका उपार्जन2550/-रु प्रतिमाह से अधिक नहीं होना चाहिये ।
अगला विषय : साधारण पारिवारिक पेंशन : क्रमश:
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