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रक्षा सिविलियन | मुख्य पृष्ठ
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निर्योगिता पेंशन तब स्वीकृत की जाती है जब कोई सरकारी कार्मिक किसी शारीरिक या मानसिक निर्योगिता जो उसे स्थायी रुप से सेवा के अयोग्य बना देती है, के कारण सेवानिवृत हो जाता है । निर्योगिता पेंशन की राशि की गणना का तरीका वही है जो अधिवर्षिता पेंशन का है । केन्द्रीय सिविल सेवा पेंशन नियमावली 1972 के नियम के तहत निर्योगिता पेंशन साधारण दर पर दी जाने वाली पारिवारिक पेंशन से कम नहीं होगा ।
क्षतिपूर्ति पेंशन उस सरकारी कार्मिक को प्रदान किया जाता है जिसे उसके स्थायी पद को समाप्त कर दिए जाने के कारण सेवामुक्त पर स्वीकृत किया जाता है । जहाँ व्यक्ति को वैकल्पिक पद दिया जाता है और वह उसे स्वीकार कर लेता है तो ऐसी स्थिति में उसकी सेवानिवृति के उपरांत प्रस्तुत पेंशन दावे को उसके द्वारा की गई समस्त सेवा को दो भागों में बाँटते हुए स्वीकार किया जाएगा । सेवा की उत्तरकालीन अवधि को तब तक पेंशन योग्य नहीं माना जाएगा जब तक व्यक्ति को उस पद पर स्थायी नहीं कर दिया जाता ।

यदि कोई सरकारी कार्मिक जो क्षतिपूर्ति पेंशन का हकदार है सरकार के अधीन कहीं और नियुक्त हो जाता है तपश्चात् किसी भी वर्ग का पेंशन प्राप्त करने का हकदार हो जाता है यदि कार्मिक यह दावा करता है कि उसने नियाक्त स्वीकार नहीं की है इस तरह के पेंशन की राशि क्षतिपाूर्त पेंशन की राशि से कम नहीं होगी । क्षतिपूर्ति पेंशन का निर्धारण अधिवर्षिता पेंशन के निर्धारण के तर्ज पर होगा ।

अगला विषय : अनिवार्य सेवानिवृति पेंशन/करुणामूलक भत्ता
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